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भारत के महत्वपूर्ण संविधान संशोधन | Gk in Hindi

इस पोस्ट में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के बारे में बताया गया है, जहां से प्रत्येक वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं।
भारत के महत्वपूर्ण संविधान संशोधन | Gk in Hindi

नमस्कार दोस्तों, हम आपका तहेदिल से स्वागत करते है। इस आर्टिकल में हम महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के बारे में चर्चा करेंगे इस पोस्ट में हमने संविधान संशोधन से जुड़ी हुई जानकारियों को शेयर किया है, जिन्हे पढ़कर आपको अपनी आगामी परीक्षा में काफी मदद मिलेगी तथा आप भारत के महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के बारे में भी जान सकते हैं क्योंकि इस आर्टिकल में संविधान के महत्वपूर्ण प्रश्न के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है तथा यह संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन आपको अपनी परीक्षा में बोहोत मददगार साबित होते हुए नजर आएंगे।

महत्त्वपूर्ण संविधान संशोधन

संविधान संशोधन

भारतीय संविधान में संविधान संशोधन की प्रक्रिया का उल्लेख हमें 368 वी अनुसूची में देखने को मिलता है. भारत ने संविधान संबंधी संशोधन की प्रक्रिया को दक्षिण अफ्रीका के संविधान से लिया है, इसके अतिरिक्त भारत ने दक्षिण अफ्रीका के संविधान से राज्यसभा में सदस्यों का निर्वाचन प्रणाली, राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल, विभिन्न राज्य विधानसभाओं में चुने गए विधायक अपने राज्य से राज्य सभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान करते हैं, आदि प्रावधान दक्षिण अफ्रीका के संविधान से ही लिए है। नीचे कुछ ऐसे महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के बारे में बताया गया है, जहां से प्रत्येक वर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं।

पहला संविधान संशोधन

भारत का पहला संविधान संशोधन 1951 में हुआ और इस संशोधन में भारतीय संविधान के अंतर्गत 9 वी अनुसूची को जोड़ा गया अगर बात की जाए कि मूल संविधान संशोधन में कितनी अनुसूचियां थी तो इसका उत्तर रहेगा 8 और वर्तमान में हमारे संविधान में 12 अनुसूचियां हैं।

सातवा संविधान संशोधन

देश का 7 वा संविधान संशोधन 1956 में किया गया यह संविधान संशोधन करने का मुख्य कारण फजल अली कमिशन था. इस संशोधन के द्वारा भारत में राज्य पुनर्गठन आयोग लाया गया मूल संविधान के अंतर्गत भारत में चार प्रकार के राज्यों जेसे - A, B, C तथा D का गठन किया गया था। 1956 में हुए सातवें संविधान संशोधन द्वारा राज्यों के चार वर्गों को समाप्त कर उन्हें दो वर्गों (राज्य, संघ राज्य) में विभाजित किया गया था. वर्तमान में भारतीय संघ के तहत कुल 28 राज्य तथा 9 संघ राज्य क्षेत्र हैं।

42 वा संविधान संशोधन

यह संशोधन 1976 में किया गया परंतु इसके 1 साल बाद यानी कि 1977 में भारत का 42वां संविधान संशोधन लागू हुआ इसे लघु संविधान संशोधन के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि 42 वें संविधान संशोधन द्वारा एक साथ कुल 10 मौलिक कर्तव्य को जोड़ा गया था हमने मौलिक कर्तव्य रूस के संविधान से अपनाएं हैं, सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर भारत में मौलिक कर्तव्य को भाग 4A अंतर्गत अनुच्छेद 51A में जोड़ा गया 42 वा संविधान संशोधन द्वारा ही प्रस्तावना में एकमात्र बार संशोधन हुआ इस संशोधन में भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 3 शब्द (समाजवाद, पंथनिरपेक्षता, अखंडता) जोड़े गए।

44 वा संविधान संशोधन

इस संशोधन द्वारा हमारे संपत्ति के अधिकार को फंडामेंटल राइट्स से लीगल राइट में परिवर्तित कर दिया गया वर्तमान में संपत्ति का अधिकार लीगल राइट है और यह संविधान संशोधन 1978 में मोरारजी देसाई के समय हुआ था जो कि अनुच्छेद 300A के अंतर्गत आता है।

52 वा संविधान संशोधन

भारत का 52 वा संविधान संशोधन 1985 में हुआ और इस संशोधन के द्वारा संविधान में दस अनुसूची को जोड़ा गया, यह दलबदल से संबंधित है।

61 वा संविधान संशोधन

यह संशोधन वर्ष 1989 में हुआ इस समय देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे. इस संशोधन द्वारा हमारे मतदान करने की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।

73 वा संविधान संशोधन

यह संविधान संशोधन 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ और यह पंचायती राज्य से संबंधित है। इसी कारण हम 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के रूप में मनाते हैं। यह संशोधन 11वीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और ग्यारहवीं अनुसूची में कुल 29 विषय शामिल है।

74 वा संविधान संशोधन

74वां संविधान संशोधन द्वारा भारत में 12 वीं अनुसूची को जोड़ा गया और यह अनुसूची नगर निकाय से संबंधित है।

86 वा संविधान संशोधन

भारत का 86 वा संविधान संशोधन सन 2002 में हुआ जो कि शिक्षा से संबंधित है, भारतीय संविधान के अंदर अनुच्छेद 21A में शिक्षा का अधिकार आता है जो कि हमारा मौलिक अधिकार हैं। इसी संविधान संशोधन द्वारा हमारा 11 वा कर्तव्य भी जोड़ा गया।

99 वां संविधान संशोधन

भारत का एकमात्र ऐसा संविधान संशोधन जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नकार दिया। इस संविधान संशोधन द्वारा कॉलेजियम पद्धति की जगह पर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NTAC) लाया गया।

100 वा संविधान संशोधन

भारत को अगर अपनी जमीन किसी अन्य देश को देनी है तो उसे संविधान में संशोधन करना पड़ेगा और भारत में 100 वा संविधान संशोधन द्वारा भारत - बांग्लादेश सीमा पर 3 बीघा का गलियारा लाया गया।

101 वा संविधान संशोधन

यह संविधान संशोधन विजय केलकर समिति की सिफारिश पर किया गया जो कि GST (Goods & Service Tax) से संबंधित है, भारत में जीएसटी को 2017 से लागू किया गया और जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है. भारत में जीएसटी लागू करने वाला पहला राज्य असम बना।

102 वां संविधान संशोधन

यह संविधान संशोधन ओबीसी वर्ग से संबंधित है, यह संशोधन ओबीसी आयोग को संवैधानिक आयोग में बदलने के लिए किया गया।

103 वां संविधान संशोधन

ईडब्ल्यूएस के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% का आरक्षण इसी संविधान संशोधन द्वारा लाया गया

104 वां संविधान संशोधन

इस संविधान संशोधन द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आरक्षण को 10 वर्ष के लिए बढ़ाया गया और एंग्लो इंडियन की सीट को समाप्त कर दिया गया.


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