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बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां | Gk in Hindi

इस आर्टिकल में बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली सभी नदियों के बारे में बताया गया है, प्रतियोगी परीक्षाओं को देखते हुए इस आर्टिकल में NCERT सार उपलब्ध है।
बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां

नमस्कार दोस्तों, हम आपका तहेदिल से स्वागत करते है। इस आर्टिकल में हम बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां के बारे में चर्चा करेंगे इस पोस्ट में हमने पूर्व की ओर बहने वाली नदियां कौन सी है? से जुड़ी हुई जानकारियों को शेयर किया है जो आपको जरूर पसंद आएगी इस लेख में मौजूद जानकारी को पढ़कर आपको भारत की नदियों के बारे जानकारी मिलेगी तथा पश्चिम से पूर्व में बहने वाली नदियों के नाम भी जान जायेंगे।

बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां

स्वर्ण रेखा नदी

यह नदी राची के दक्षिण - पश्चिम पठार से निकलती है, जो पूर्व दिशा में प्रवाहित होती हुई जमशेदपुर से होकर गुजरती है। यह बालासार के निकट बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई 395 किलोमिटर है। झारखंड, ओडिसा,पश्चिम बंगाल इन क्षेत्रो मे इस नदी का अपवाह क्षेत्र हैं।

ब्राह्मणी नदी

ब्राह्मणी नदी छोटा नागपुर पठार के निकट रांची के दक्षिण पश्चिम से निकलती है। यह नदी कोयल व शंख नदियों से मिलकर बनी है। इसकी लंबाई 420 किलोमीटर है।

महानदी

यह एक अनवरती नदी है जो छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सहवास श्रेणी के समीप अमरकंटक पठार से निकलकर पूर्व व दक्षिण पूर्व की ओर प्रवाहित होती हुई कटक उड़ीसा के निकट बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती है। हीराकुंड टिकरापारा बांध किस नदी पर स्थित प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना है।

गोदावरी नदी

यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है इसकी कुल लंबाई 1465 किलोमीटर है। दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी होने के कारण इसे दक्षिण गंगा भी कहते हैं। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में स्थित त्रयंबकेश्वर इसका उद्गम स्थान है। उत्तर में इसकी प्रमुख सहायक नदियां प्राणहिता, भुणा, वैनगंगा, वर्धा, इंद्र मति और मंजरा, भवानी और अमरावती है। यह शिवसमुद्रम नामक जलप्रपात बनाती है। यह दो धाराओं उत्तर में कोलेरू व दक्षिण में कावेरी में कट जाती है। प्रायद्वीपीय नदियों में कावेरी ही एक ऐसी नदी है जिसमें वर्ष भर जल प्रवाह बना रहता है।

मैसूर से 20 किलोमीटर दूर इस नदी पर कृष्णा सागर जलाशय बनाया गया है यह नदी श्रीरंगपट्टनम से शिवसमुद्रम द्वीप से होकर बहती है। इस नदी पर कोबेनकेल जलप्रपात अवस्थित है।

पेन्नार नदी

यह कर्नाटक के कोलार जिले की नदी दुर्ग पहाड़ी से निकलती है, तथा बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसका अपवाह 597 किलोमीटर है। गंडीकोटा कुडप्पा के निकट यह गहरा खड्डा बनाती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियां जयमंगली, बुंदेरू, संगलेरू, चित्रवती, पापागामी व चेखार

घग्गर नदी

यह शिमला के समीप हिमालय पर्वत की शिवालिक पहाड़ियों से निकलती है। इसकी कुल लंबाई 465 किलोमीटर है। यह अंबाला वह हिसार जिले से प्रवाहित होती हुई राजस्थान के गंगानगर जिले में प्रवेश करती है तथा अंत हनुमानगढ़ राजस्थान के समीप भटनेर के मरुस्थल में विलीन हो जाती है।


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