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ब्रम्हांड का निर्माण कैसे हुआ? | Gk in Hindi

छोटे-छोटे अणुओं से लेकर बड़ी-बड़ी महाकाय आकाशगंगा के समूह को ब्रह्मांड कहा जाता है। ब्रह्मांड के अध्ययन को कॉस्मोलॉजी कहते हैं। ब्रह्मांड की उत्पत्ति
ब्रम्हांड का निर्माण कैसे हुआ

नमस्कार दोस्तों, हम आपका तहेदिल से स्वागत करते है। इस आर्टिकल में हम ब्रम्हांड का निर्माण कैसे हुआ के बारे में चर्चा करेंगे इस पोस्ट में हमने ब्रम्हांड से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण और बेहतरीन ज्ञानवर्धक जानकारियों को शेयर किया है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से बोहोत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है ब्रम्हांड की उत्पत्ति के सिद्धांत को पढ़कर आपको काफी जानकारी मिलेगी तथा ब्रम्हांड की उत्पत्ति व सिद्धांत को आप अच्छे से समझ सकते है. क्योंकि इस आर्टिकल में ब्रम्हांड फैक्ट्स इन हिंदी को विस्तार पूर्वक बताया गया है।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति

ब्रह्मांड किसे कहते हैं

छोटे-छोटे अणुओं से लेकर बड़ी-बड़ी महाकाय आकाशगंगा के समूह को ब्रह्मांड कहा जाता है। ब्रह्मांड के अध्ययन को कॉस्मोलॉजी कहते हैं।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में दो अवधारणा तथा चार सिद्धांत दिए गए हैं जो कि निम्न है-

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में अवधारणाएं

  • भू केंद्रीय अवधारणा
  • सूर्य केंद्रीय अवधारणा
भू-केंद्रीय अवधारणा क्या है
इसे सर्वप्रथम 140 इसवी में टॉलमी ने प्रस्तुत किया। जिसके अनुसार ब्रह्मांड के केंद्र में पृथ्वी है, और जिसकी परिक्रमा सूर्य और आदि सभी ग्रह कर रहे हैं।

सूर्य केंद्रीय अवधारणा क्या है
इसका तात्पर्य यह है कि सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में है, और ग्रह. सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं। इस अवधारणा के प्रतिपादक वराहमिहिर थे।

• वराहमिहिर
वराहमिहिर चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में थे उन्होंने यह भी बताया कि पृथ्वी की परिक्रमा चंद्रमा करता है।

• कॉपरनिकस
इन्हें आधुनिक खगोलशास्त्र का जनक कहा जाता है। इन्होंने सौरमंडल की खोज की और सूर्य को ब्रह्मांड के केंद्र में बताया कॉपरनिकस ने पृथ्वी की दैनिक गति और वार्षिक गति के बारे में भी बताया।

• केपलर
केपलर ने ग्रहों के गति के नियम दिए जिनकी संख्या 3 थी।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में सिद्धांत

  • साम्यावस्था या स्थिति सिद्धांत
  • दोलन सिद्धांत
  • स्फीति सिद्धांत
  • महा विस्फोटक सिद्धांत/Big Bang theory
साम्यावस्था या स्थिति सिद्धांत क्या है
इसे हरमन बॉडी और थामस गोल्ड ने प्रस्तुत किया था इस सिद्धांत के अनुसार ब्रह्मांड की ना तो उत्पत्ति हुई है और ना ही अंत है अर्थात ब्रह्मांड अपरिवर्तनीय है।

दोलन सिद्धांत क्या है
इस सिद्धांत को डॉक्टर ऐलन संडेजा ने प्रस्तुत किया था। इस सिद्धांत के अनुसार ब्रह्मांड का विस्तार होगा और पुनः संकुचित होगा इसी प्रक्रिया को हम दोलन सिद्धांत कहते हैं।

स्फीति सिद्धांत क्या है
ऐलन गूथ अमेरिका के एक वैज्ञानिक थे, उन्होंने इस सिद्धांत का प्रतिपादन किया यह सिद्धांत महाविस्फोटक सिद्धांत से मिलता - जुलता है।

महा विस्फोटक सिद्धांत क्या है

  • यह सिद्धांत अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1905 में दिया था।
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को नोबेल पुरस्कार 1921 में प्रकाश विद्युत प्रभाव की खोज करने के लिए दिया गया था
इसे big-bang-theory के नाम से भी जाना जाता है। ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में यह सबसे प्रसिद्ध सिद्धांत है जिसके प्रतिपादक जॉर्ज लेमेनटेयर थे. जो कि बेल्जियम के एक वैज्ञानिक थे।


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